बच्चों-बड़ों के लिए आयुर्वेदिक अस्थमा उपचार | Maharishi Ayurveda
अस्थमा को फेफड़ों का रोग या lungs disease कहा जाता है। इस बीमारी में बच्चों और बड़ों के श्वासनली में सूजन, संकुचन और बलगम काफी बढ़ जाता है, जिस वजह से सांस लेने में काफी परेशानी होती है। हज़ारों वर्ष पुराने हमारे आयुर्वेद में इस रोग को “स्वास रोग” के नाम से भी जाना जाता है। इस बीमारी का मुख्य कारण है वात और कफ दोष का असंतुलित होना। यह बीमारी विशेष रूप से शरीर में टॉक्सिक पदार्थों के उत्पन्न होने के कारण होता है। टॉक्सिक पदार्थ वात और कफ दोष को असंतुलित करते हैं जिससे श्वासनली में समस्याएं उत्पन्न होती हैं। आयुर्वेद में अस्थमा का काफी कारगर इलाज बताया गया है। आयुर्वेद से प्राप्त होने वाले कुछ विशेष ज्ञान को संयोजित कर Maharishi Ayurveda ने Asthomap का निर्माण किया है। इसकी खासियत यह है कि, इसे बनाने में बहुत से बहुमूल्य जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। 100% नेचुरल हर्ब्स से बना यह प्रोडक्ट बच्चों और बड़ों के लिए अस्थमा का ख़ास आयुर्वेदिक उपचार माना गया है। आइये जानते हैं यह कैसे आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
अस्थमा के मरीजों के लिए Asthomap कैसे उपयोगी है ?
Maharishi Ayurveda Asthomap को कुछ ख़ास प्रकार के प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के मेल से खासतौर से अस्थमा के मरीजों के लिए बनाया गया है। Asthma की बीमारी को naturally treat करने में इसे बेहद असरदार माना गया है। यहाँ हम इसके कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।
- अस्थमा के अटैक को यह ख़ास आयुर्वेदिक उपचार बिना किसी side effect के प्राकृतिक रूप से ठीक करने में बेहद प्रभावी है।
- इसका नियमित सेवन आपकी immunity को respiratory aliments से जुड़ी बीमारियों के खिलाफ लड़ने के लिए मजबूती देता है।
- यह किसी प्रकार का steroid नहीं है बल्कि long-term use के लिए 100% सुरक्षित और प्रमाणित है।
- किसी भी तरह के allergens के प्रति यह शरीर की संवेदनशीलता को कम करने में बेहद प्रभावी माना गया है।
- इसका नियमित सेवन पाचक शक्ति बढ़ाने में भी काफी प्रभावी रूप से काम करता है।
- Asthomap का नियमित रूप से सेवन respiratory mucolous level को टोन करने और bronchioles को फैलाने में सहायक होता है।
- इसका इस्तेमाल लंबे समय से चली आ रही खांसी की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है।
- Maharishi Ayurveda Asthomap में इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी-बूटियां विशेष रूप से Bronchial Asthma, Chronic Bronchitis और Pulmonary Eosinophilia आदि की समस्या को दूर करने में भी बेहद प्रभावी माना गया है।
- इसके साथ ही यह विशेष प्रोडक्ट Emphysema, Bronchial और Respiratory से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में भी विशेष रूप से प्रभावी है।
Asthma के कारण और प्रमुख लक्षण (Symptoms & Cause of Asthma)
किसी भी बीमारी के शुरुआती लक्षण और कारण के बारे में जानना बेहद जरूरी है। यदि आपको बीमारी symptom और cause की जानकारी नहीं होगी तो आपके लिए इसका इलाज ढूंढ पाना काफी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए इस आइये इस बीमारी के कारणों और प्रमुख लक्षणों को जान लेते हैं।
बड़ों में Asthma के कारण
- सिगरेट पीना
- प्रदूषण
- मौसम में अकस्मात् परिवर्तन
- कोहरे में रहना
- धूल मिट्टी में रहने के कारण
- Respiratory system में इंफेक्शन होना
बड़ों में Asthma या दमा के लक्षण
- सांस फूलना
- असामान्य खांसी की समस्या होना
- असामान्य रूप से थकान महसूस होना
- धुएं और कोहरे से एलर्जी
- सामान्य रूप से सांस लेने में तकलीफ महसूस होना
बच्चों में Asthma के कारण
- बच्चों में अस्थमा या दमा की बीमारी प्रदूषण के कारण हो सकती है।
- मौसम में आकस्मिक बदलाव भी एक कारण है।
- Viral Infection जैसे बुखार, सर्दी, जुकाम आदि।
- यदि माता-पिता में से किसी को भी यह बीमारी है तो बच्चे को भी हो सकता है।
- इसके अलावा कम उम्र में overweight होना भी इस बीमारी का कारण हो सकता है।
बच्चों में Asthma के लक्षण
- असामान्य खांसी
- रात को ज्यादातर खांसी की समस्या होना
- सांस लेने में तकलीफ महसूस होना
- सांस लेने में व्हीज़िंग या सीटी जैसी आवाज़ आना
- सीने में किसी तरह का कम्प्रेशन महसूस होना
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, बच्चों में बड़ों की तुलना में अस्थमा के लक्षण रात को विशेष रूप से दिखाई दे सकता है। ऐसे में माता-पिता को बच्चे पर विशेष ध्यान देने की जरुरत होती है।
Maharishi Ayurveda के प्रोडक्ट क्यों हैं ख़ास ?
Maharishi Ayurveda के सभी उत्पादों को 100% नेचुरल और उच्च कोटि की जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल से बनाया जाता है। इनके सभी उत्पादों में विशेष रूप से शुद्धता और सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाता है। अनुभवी वैद्यों और experts के निगरानी में सभी प्रोडक्ट को काफी सावधानी पूर्वक बनाया जाता है। उन्हें आपके लिए effective बनाने के लिए सुरक्षा के मानकों का ध्यान रखा जाता है।
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